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शहीदों की भूमि गाजीपुर में इस बार के लोकसभा चुनाव में मुकाबला बहुत दिलचस्प

शहीदों की भूमि गाजीपुर में इस बार के लोकसभा चुनाव में मुकाबला बहुत दिलचस्प है 2014 में मोदी लहर में यहां से मनोज सिन्हा ने जीत पंजीकृत की थी भाजपा ने उन्हें रेल और संचार मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया  उन्हें एक बार फिर इस सीट से उम्मीदवार बनाया है लेकिन इस बार सपा-बसपा का गठबंधन होने के कारण समीकरण पूरी तरह बदल गया है लिहाजा मनोज सिन्हा की राह बहुत ज्यादा मुश्किल हो गई है

गाजीपुर लोकसभा सीट से मनोज सिन्हा के मुकाबले गठबंधन की ओर से अफजाल अंसारी चुनाव मैदान में हैं साल 2004 में गाजीपुर सीट पर सपा  भाजपा के बीच सीधी मुक़ाबलाहुई थी सपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी को 415,687 मत मिले थे, जबकि भाजपा के पूर्व सांसद मनोज सिन्हा को महज 188,910 मत प्राप्त हुए थे लिहाजा उन्हें 226,777 मतों से सबसे बड़ी पराजय मिली थी  अफजाल ने जीत-हार के मतों के अंतर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया था इस बार वह बीएसपी के उम्मीदवार हैं  सपा का साथ है, लिहाजा अफजाल को अलावा ताकत मिली है मनोज सिन्हा तीन बार यहां से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं 2014 के चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी शिवकन्या कुशवाहा को 32,452 मतों के अंतर से हराया था

गाजीपुर ऐतिहासिक भूमि है इसी सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद रहे विश्वनाथ गहमरी ने पूर्वाचल की हालात पर सदन में ऐतिहासिक सम्बोधन देकर सबका ध्यान खींचा था भाकपा से दो बार सांसद बने प्रखर नेता सरजू पांडे ने सदन में अपनी धाक जमाई थी समूचे पूर्वाचल में राजनीतिक प्रेरणास्रोत सरजू पांडे से पीएम नेहरू भी प्रभावित रहते थे लेकिन आज यहां की पॉलिटिक्स जातियों पर आकर टिक गई है

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक आनन्द राय के अनुसार, “यहां पर गठबन्धन  भाजपा की सीधी लड़ाई है लेकिन जातीय आधार पर गठबन्धन मजबूत दिख रहा है पिछले लोकसभा चुनाव में भी गाजीपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा को मोदी लहर के बावजूद बहुत ज्यादा कम अंतर से जीत मिली थी इस बार उनके सामने जीत का प्रदर्शन दोहराने की कड़ी चुनौती होगी ”

गाजीपुर में कुल मतदाताओं की संख्या 1,801,519 है इसमें पुरुष मतदाता 983,352  महिला मतदाताओं की संख्या 818,105 है इसमें यादव  दलित वोटर बड़ी तादाद में हैंलगभग चार लाख यादव, लगभग इतने ही दलित, 1.5 लाख के आसपस बिंद, लगभग एक लाख ब्राह्मण, लगभग 1.75 लाख कुशवाहा, लगभग एक लाख राजभर, तीन लाख अन्य ओबीसी, लगभग 1.75 लाख मुस्लिम, 50 हजार से अधिक भूमिहार, लगभग दो लाख क्षत्रीय, लगभग एक लाख वैश्य,  50 हजार के आसपास अन्य सवर्ण जातियों के मतदाता हैं

हालांकि राय का मानना है कि “इस क्षेत्र में कार्य खूब हुआ है यातायात व्यवस्था से लेकर परिवहन  रेलमार्ग को दुरुस्त किया गया है बगल की सीट बनारस होने के कारण उसका प्रभाव यहां पर होता है ”
एक अन्य राजनीतिक विश्लेषक कुमार पंकज के अनुसार, “अभी तक का सियासी समीकरण गठबन्धन के पक्ष में जाता दिख रहा है लेकिन सपा का वोट कितना ट्रांसफर होगा, यह बोलना अभी जल्दबाजी होगी ”

उन्होंने बताया, “सपा-बसपा के साथ आने से गाजीपुर सीट पर सामाजिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है इस सीट पर सर्वाधिक संख्या यादव मतदाताओं की है  उनके बाद दलित एवं मुस्लिम मतदाता हैं यादव, दलित  मुस्लिम मतदाताओं की कुल संख्या गाजीपुर संसदीय सीट की कुल मतदाता संख्या की लगभग आधी है यह जातीय समीकरण हर प्रत्याशी के लिए चुनौती है ”

पंकज ने बताया, “कुशवाहा वोटरों की बड़ी किरदार रही है, जिनकी आबादी यहां पर अधिक है इस बार कांग्रेस पार्टी के टिकट पर अजीत कुशवाहा के उतरने से भाजपा के लिए थोड़ी कठिन हो सकती है हलांकि भाजपा ने इसकी काट के लिए अपने सारे पिछड़े  दलित वर्ग के बड़े नेताओं को कैम्प कराना प्रारम्भ किया है जिसमें भूपेंद्र यादव  दुष्यंत गौतम ने यहां पर विभिन्न जगहों पर जनसभाएं कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का कोशिश किया है ”

उन्होंने बताया, “पांच वर्षो में गाजीपुर रेलवे स्टेशन का पुनरोद्घार, रेलवे प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, गाजीपुर से विभिन्न महानगरों के लिए ट्रेन प्रारम्भ होना  सड़कों का निर्माण जैसे प्रमुख काम हुए हैं इन विकास कार्यो से जनता तो प्रभावित है लेकिन जातीय गणित के आगे यह कितना टिक पाएंगे, यह देखना जरूरी है ”

बारे गांव के सुरेश का बोलना है, “यादव  दलित के अतिरिक्त इस सीट पर डेढ़ लाख से अधिक बिंद, करीब पौने दो लाख राजपूत  लगभग एक लाख वैश्य भी हार-जीत में जरूरीकिरदार निभाते हैं इससे निपटना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है ” गहमर गांव के विपिन कहते हैं, “गाजीपुर में विकास तो खूब हुआ है रेलवे व्यवस्था भी बहुत ज्यादा अच्छी हुई हैलेकिन यहां पर जातीय गोल सब भारी दिखता है ”

सैदपुर के रईस कहते हैं कि गठबंधन इस बार यहां पर सारी लहर समाप्त कर देगा,  यहां पर अंसारी बन्धुओं का बड़ा दरबार न्याय के लिए बहुत मशहूर है यहां पर 19 मई को मतदान होगा जबकि 23 मई को मतगणना होगी अंतिम चरण में यूपी में 13 सीटों पर मतदान होना है

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